पीड़ित ने धोखाधड़ी करने वाले होमगार्ड से मिलकर थानेदार पर जबरन सुलह कराने का लगाया आरोप
सुल्तान रिज़वी
गोंडा देवीपाटन परिक्षेत्र के डीआईजी अशोक कुमार शुक्ल जनसुनवाई के दौरान एक्शन मोड में नजर आए। जमीन विवाद से जुड़े मामलों में पुलिस की लापरवाही और फरियादियों के साथ कथित दुर्व्यवहार पर उन्होंने वजीरगंज थानेदार को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और पीड़ितों को थाने से लौटाने जैसी प्रवृत्ति अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जरूरत पड़ी तो सीधे थानेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जनसुनवाई के दौरान वजीरगंज थाना क्षेत्र का एक मामला सामने आया, जिसमें पिछड़े वर्ग के व्यक्ति लल्लन चौहान ने आरोप लगाया कि उसे जमीन दिलाने के नाम पर थाने के होमगार्ड द्वारा पहले अनुसूचित जाति के व्यक्ति के नाम बैनामा कराया गया। तत्पश्चात आवश्यक अनुमति मिलने के बाद भी आरोपितों ने जमीन देने से इनकार कर दिया। पीड़ित लल्लन चौहान का आरोप है कि होमगार्ड द्वारा धोखाधड़ी करके उक्त जमीन को पहले दूसरे के नाम करवा दिया गया बाद मे अपने रिश्तेदार के नाम करवा लिए जबकि होमगार्ड के कहने पर पीड़ित ने जमीन के लिए लगभग 5 लाख 80 हजार रुपये बैंक द्वारा व कैश जमीन मालिक के खाते मे ट्रांसफर किये हैं। पीड़ित का आरोप है कि होमगार्ड से मिलकर थानेदार विपुल पाण्डेय ने उनके बेटे को बुलाकर जबरन सुलहनामा लगवा दिया है। पीड़ित का ये भी आरोप है कि होमगार्ड ने उससे हजारों रुपये कमीशन के तौर पर लिए हैं। पीड़ित का आरोप है कि अब न तो उसे रुपये वापस किये जा रहे हैं और न ही उसे जमीन दिलवाया जा रहा है।

पीड़ित का आरोप है कि उसे थानेदार ने थाने से भगा दिया तब जाकर उसने जनसुवाई के दौरान डीआईजी के चौखट पर गुहार लगाई, पीड़ित कि बात सुनकत डीआईजी अशोक कुमार शुक्ला की भौन्हे वजीरगंज थानेदार पर तन गई और उन्होंने तुरंत फोन मिलाकर थानेदार को अंतिम चेतावनी देते हुए होमगार्ड के साथ ही उसमे संलिप्त सभी दोषियों पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। डीआईजी ने सख्त लहजे में कहा है कि यदि मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो संबंधित थाना प्रभारी सहित जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध स्वयं कार्रवाई कराएंगे।

जनसुनवाई में जमीन विवाद से जुड़ा एक अन्य मामला भी सामने आया, जिसमें बुजुर्ग प्रेम नाथ शुक्ला फरियादी ने कथित अभद्र व्यवहार की शिकायत की है । इस पर डीआईजी ने वजीरगंज थाना प्रभारी को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि थाने आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए हैं, न कि उन्हें अपमानित कर वापस भेजने के लिए है। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को चेतावनी दी कि जनसुनवाई में लापरवाही, फरियादियों से दुर्व्यवहार और शिकायतों के निस्तारण में हीलाहवाली पाए जाने पर सीधे निलंबन सहित कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। डीआईजी के इस सख्त रुख के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। अधिकारियों का मानना है कि अब जनशिकायतों के निस्तारण और थानों में फरियादियों के साथ व्यवहार को लेकर जवाबदेही और बढ़ेगी।
