बिजली गुल होते ही अंधेरे में डूबता स्टेशन, कोच पोजीशन की घोषणा नहीं; अव्यवस्थाओं से रोज जूझ रहे यात्री
नवल पाण्डेय
गोंडा। पूर्वोत्तर रेलवे के मसकनवा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाएं गंभीर सवालों के घेरे में हैं। मुंबई, दिल्ली, गोरखपुर, प्रयागराज सहित देश के कई प्रमुख शहरों के लिए प्रतिदिन हजारों यात्री इसी स्टेशन से सफर करते हैं, लेकिन रेलवे प्रशासन की उदासीनता के चलते स्टेशन पर मूलभूत सुविधाएं भी नसीब नहीं हो पा रही हैं। हालात ऐसे हैं कि बिजली जाते ही पूरा स्टेशन अंधेरे में डूब जाता है और यात्रियों को अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रेन पकड़नी पड़ती है।सबसे गंभीर समस्या यह है कि ट्रेनों के आगमन से पहले जनरल, स्लीपर और एसी कोच की पोजीशन की स्पष्ट घोषणा नहीं होती। नतीजतन यात्रियों को अंतिम समय में प्लेटफॉर्म पर इधर-उधर दौड़ना पड़ता है। इस अव्यवस्था का सबसे ज्यादा खामियाजा बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगों और छोटे बच्चों के साथ यात्रा कर रहे परिवारों को उठाना पड़ता है। कई बार जल्दबाजी में यात्री गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं, लेकिन व्यवस्था में सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।बिजली आपूर्ति बाधित होते ही स्टेशन पूरी तरह अंधेरे में डूब जाता है, क्योंकि बैकअप प्रकाश व्यवस्था का अभाव है। इससे यात्रियों में असुरक्षा की भावना बढ़ जाती है और दुर्घटना व आपराधिक घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। शाम और रात के समय स्थिति और भी भयावह हो जाती है।

यात्रियों का आरोप है कि स्टेशन पर मौजूद कुछ कर्मचारियों का व्यवहार भी सहयोगपूर्ण नहीं रहता। समस्या बताने या जानकारी लेने पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, जिससे यात्रियों की परेशानियां और बढ़ जाती हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि मसकनवा स्टेशन क्षेत्र का प्रमुख रेलवे स्टेशन है, जहां प्रतिदिन हजारों लोग सफर करते हैं। इसके बावजूद वर्षों से मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है। स्टेशन पर बेहतर सूचना प्रणाली, पर्याप्त रोशनी, सुरक्षा और यात्री सुविधाओं का अभाव रेलवे प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

यात्रियों की प्रमुख मांगें
बिजली कटौती के दौरान तत्काल बैकअप लाइट की व्यवस्था की जाए।
सभी ट्रेनों की कोच पोजीशन की अनिवार्य और स्पष्ट घोषणा सुनिश्चित की जाए।
प्लेटफॉर्म पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा बढ़ाई जाए।
यात्रियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारियों को निर्देश दिए जाएं।
स्टेशन पर आधुनिक यात्री सूचना प्रणाली और डिस्प्ले बोर्ड को प्रभावी बनाया जाए।
