प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री एवं पूर्व प्रदेश मंत्री भाजपा वीरेंद्र तिवारी रहे मुख्य अतिथि
डा0 एन.के मौर्य
गोंडा। गोष्ठी का आयोजन भाजपा जिला अध्यक्ष अमरकिशोर कश्यप एवं कार्यक्रम संयोजन भाजपा अनुसूचित मोर्चा जिला संयोजक नंदकिशोर नंदू द्वारा की गई।
बताते चलें कि संविधान गौरव दिवस के उपलक्ष में बोलते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि भाजपा ने डॉक्टर अंबेडकर की विरासत को सम्मानित करने के लिए हर संभव प्रयास किया। 1990 में भाजपा समर्थित सरकार ने भारत के कानूनी और सामाजिक ढांचे को आकार देने में उनकी अद्वितीय भूमिका को मान्यता देते हुए डॉ अंबेडकर को प्रतिष्ठित भारत रत्न से सम्मानित किया।

अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व में 12 अप्रैल 1990 को संसद के केंद्रीय कक्ष में डॉक्टर अंबेडकर की तस्वीर लगाई गई। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने लगातार अंबेडकर के योगदान का सम्मान करने और यह सुनिश्चित करने के लिए काम किया है कि उनकी विरासत को आने वाली पीढियां के लिए संरक्षित किया जाए। इसके लिए मोदी सरकार द्वारा डॉक्टर अंबेडकर के जीवन से जुड़े पांच प्रमुख स्थलों की पहचान की गई। जन्मभूमि महू मध्य प्रदेश,शिक्षा भूमि लंदन, दीक्षाभूमि नागपुर, महापरिनिर्वाण भूमि दिल्ली एवं चैत्य भूमि मुंबई ऐसे पंच तीर्थ के रूप में विकसित किया गया। मोदी सरकार ने भीम ऐप लॉन्च किया जो अंबेडकर के नाम पर आधारित है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने ओबीसी छात्रों के लिए नीट और नवोदय विद्यालयों में आरक्षण शुरू किया।राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक मान्यता देकर इन समुदायों को सशक्त किया। विशिष्ट वक्ता एडवोकेट त्रिभुवन कुमार ने बताया कि भारत का संविधान बहुत ही गौरवशाली है। भारत का संविधान अपने नागरिकों जो को मूल अधिकार देता है ऐसा विश्व में कहीं अन्य परिलक्षित नहीं होता है। बाबा साहेब का सपना रहा है कि भारत पुनः विश्व गुरु के रूप में स्थापित हो। वर्तमान की भाजपा की सरकार बाबा साहेब की नीति पर ही कार्य कर रही है। विशिष्ट वक्ता रामगुलाम चौधरी ने बताया कि बाबा साहब भारत ही नहीं वरुन पूरी दुनिया में एक बहुत बड़े अर्थशास्त्री के रुप विख्यात थे। वह केवल दलितों के ही मसीहा नहीं थे अपितु पूरे समाज के मसीहा थे। तपसीराम गौतम ने बताया कि कांग्रेस पार्टी जो अब पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री मनमोहन सिंह के निधन के बाद उनके लिए स्मारक बनाने की मांग कर रही है। उसे यह आत्म मंथन करना चाहिए कि भारत के सबसे प्रगतिशील प्रधानमंत्री में से एक स्वर्गीय पीवी नरसिंहा राव के साथ उनके निधन के बाद कैसा व्यवहार किया गया था। तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने व्यक्तिगत रूप से उपचुनाव में डॉक्टर अंबेडकर जी के खिलाफ प्रचार किया जो उनके प्रति नेहरू की शत्रुता को दर्शाता है। अमर किशोर कश्यप ने कहा कि कांग्रेस हिंदू कोड बिल पास करने में विफल रही जो महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। 2019 में भाजपा सरकार ने नागरिकता संशोधन अधिनियम पारित किया जिससे पूर्वी पाकिस्तान के दलित शरणार्थियों को लाभ हुआ। कांग्रेस ने 1956 में डॉक्टर अंबेडकर के निधन के बाद दिल्ली के 26 अलीपुर रोड स्थित उनके आवास को राष्ट्रीय स्मारक में बदलने से इनकार कर दिया था। यह कार्य 2016 में मोदी सरकार द्वारा आरंभ किया गया और 2018 में राष्ट्रीय स्मारक का उद्घाटन किया गया। डॉ आंबेडकर के महान योगदान के बावजूद नेहरू इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकारों में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित नहीं किया गया इसके बजाय 1970 में कांग्रेस के नारायण राव को पद्म भूषण पुरस्कार दिया जिन्होंने 1952 के चुनाव में डॉक्टर अंबेडकर को हराया था। आज के इस गोष्ठी में भारतीय जनता पार्टी द्वारा अनुसूचित वर्ग के प्रबुद्ध लोगों को आमंत्रित किया गया था। जिसमें जनपद से अनुसूचित वर्ग के प्रबुद्ध लोगों ने शिरकत किया। आज के कार्यक्रम में मुख्य रूप से रामलोचन पासवान ओम प्रकाश चौधरी पंकज बरवार विशाल कुमार दिलीप कुमार चौधरी सहित सैकड़ो की संख्या में प्रबुद्ध लोग उपस्थित रहे।
