माँ को बाल पकड़ कर घसीटा, बाप बेटे को लात घूसों से बेरहमी से पीटा, डीआईजी की तनी निगाहें
एन.के मौर्य

ये है गोण्डा का वजीरगंज थाना, यहां की हकीकत सुनाने लगेंगे तो पत्थर भी आंसू बहाने लगेंगे। यहां योगी व अधिकारियों का निर्देश नही बल्कि बेखौफ थानेदार का अपना नियम कानून चलता है। जिसके चलते फरियादियों को तमाम दुश्वरियों का सामना करना पड़ रहा है, बावजूद इसके सरकार के योगी सरकार के मंशा पर पानी फेरने वालों पर जिम्मेदारों की निगाहें नही जाती, जिसके चलते इनका पुलिसिया तांडव यहां बढ़ता ही जा रहा है, जिससे आम जनता को न्याय के लिए दर दर भटकना पड़ रहा है।

बताते चलें कि रक्षक से भक्षक बने वजीरगंज थाने कि पुलिस से जनता त्रस्त है। इन्साफ माँगने से पहले ही पीड़ितों की सांसे यहाँ बढ़ जाती है। क्योंकि यहां वही होता है जो थानेदार विपुल पाण्डेय व हल्का दरोगा एवं सिपाही चाहते हैं। और तो और यहां बड़े पैमाने पर महिलाओं का भी शोषण होता है, यहां अभद्र गालियां सुनकर महिलाएं शर्मसार हो जाती है मगर थानेदार व हल्का दरोगा को कोई फर्क नही पडता।

ऐसा ही एक मामला ग्राम भगोहर का है जहां की रहने वाली महिला बिमला तिवारी पत्नी सूबेदार का आरोप है कि पारिवारिक विवाद मे घर पहुंचे हल्का दरोगा अवधेश पाल ने बिना किसी पूछ ताछ के उसे भद्दी भद्दी गालियां देते हुए बाल पकड़ कर घसीटा, जिसे बचाने आये उसके पति के सीने पर जोरदार घूसा मारा, जिससे वो जमीन पर गिरकर बेहोश हो गया. पत्नी जब बोली साहब इनकी दवा चल रही है उसे लें आने दो तब भी बेलगाम दरोगा को तरस न आया और बोला मर जाने दो साले को, इसके बाद इसके बाद अवधेश पाल व सिपाही जयंत यादव ने घसीट कर सभी को गाड़ी मे बिठा लिया,

बेलगाम एसएसआई (वेदरामयादव)
पीड़िता के बेटे पंकज का आरोप है कि इस दौरान थाने पर लाते समय हैवानो कि तरह ये लोग उसे पीटते रहे। इसके बाद जब थाने पर लाया गया तो यहां तैनात एसएसआई वेदराम यादव के रूप मे मानो सामने साक्षात यमराज आ गया हो, पंकज तिवारी का आरोप है कि वेदराम यादव ने उसे देख कर कहा था कि ब्राह्मणों को देखकर मेरा खून खौलता है मन तो करता है इन्हे गोली मार दें, इतना कहकर पीड़ित का जनेऊ तोड़ दिया गया। और पीड़ित को उस कमरे मे बंद करके लात घूसों से बर्बरता पूर्वक पीटा गया जहां सीसी टीवी कैमरा नही है। चर्चा है कि यहां सीएम योगी के निर्देशों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही है। जिससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है। बहरहाल पीड़िता ने बेटे के साथ जाकर नवागत डीआईजी अशोक कुमार शुक्ला को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार की है। जहाँ से डीआईजी ने न्याय दिलाने का पूरा आश्वासन दिया है।अब देखना तो यह है कि नवागत डी आई जी इस पर कितना ध्यान देते हैं, बहरहाल थानेदार व दरोगा सिपाही से डरे पीड़ितों की भी निगाहे नवागत डीआईजी पर टिकी है उन्हें पूर्ण विश्वास है कि डीआईजी साहब जल्द ही थाने की कानून व्यवस्था को सुधारेंगे।
