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महिला ने सेक्रेट्री पर लगाया 50 हजार रिश्वत

महिला ने सेक्रेट्री पर लगाया 50 हजार रिश्वत मांगने का आरोप, राजस्व विभाग में हड़कंप

एसडीएम ने एडीओ पंचायत को दिया जांच का आदेश

गोंडा। सीएम योगी के सख्त निर्देशों के बावजूद गोंडा जिले मे राजस्व विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की तानाशाही थमने का नाम नही ले रहा है। घूस पर घूस लेना इनके आदत में शुमार हो चुका है। बेबस लाचार लोगों को तो खून के आंसू रोने पड़ते हैं। जमीन का विवाद हो या फिर परिवार रजिस्टर का कोई मामला हो, पीड़ितों को सैकड़ो बार इनके चक्कर काटने पड़ते हैं। बावजूद इसके इन अधिकारीयों व कर्मचारीयों को इन पर तरस नही आता है।

ऐसा ही एक होश उड़ाने वाला मामला जिले के विकास खंड वजीरगंज स्थित ग्राम पंचायत दुर्जनपुर घाट में उजागर हुआ है। जहां की निवासिनी द्रोपदी सिंह पत्नी गजानंद सिंह ने उपजिलाधिकारी तरबगंज को ग्राम पंचायत अधिकारी रामदेव भास्कर के खिलाफ होश उड़ाने वाला रिश्वतखोरी का शिकायती पत्र दिया है। पीड़िता ने शिकायती पत्र में दर्शाया है कि दिनांक 1 अक्टूबर को जब वह अपने पति के भाइयों के साथ दुर्जनपुर के ग्राम पंचायत अधिकारी के पास परिवार रजिस्टर नकल के लिए पहुंची तो पता चला कि ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा दबंगों से मिलकर उसके अंतिम कालम में विपक्षी आशा देवी उर्फ राज कुमारी पत्नी राघवेन्द्र के परिवार का नाम दर्ज कर रखा है। मामले को लेकर सुरेंद्र बहादुर सिंह का कहना है कि जब हम लोग नकल लेने पहुँचे तो उसमें आशा देवी व उनके परिजनों का फर्जी तरीके से नाम अंकित था, जबकि कुछ दिनों पहले ये नाम नही था, जिस पर ऐतराज जताने से सेक्रेट्री आग बबूला हो गए। और बोले मैने ये नाम पैसा लेकर दर्ज किया है, अगर सही कराना है तो 50, हजार दे दीजिए, इसकी जगह आपका नाम दर्ज कर देंगे। वहीं पर नरेंद्र बहादुर सिंह का कहना है कि कुछ दिनों पहले परिवार रजिस्ट्री नकल बिल्कुल सही था, हाल फिलहाल में राजनीतिक दबाव व दबंगो से मिलकर ऐसा किया गया है। नरेंद्र बहादुर ने बताया कि जब सैक्रेट्री से यह पूछा गया कि किस अधिकारी के आदेश पर ऐसा किया गया है। तो उनका पारा चढ़ गया और बोले जाओ जो आपको करना है करो, अब आप भी 50, हजार दे दो तो उनका नाम हटाकर आपका दर्ज कर दिया जाएगा। नरेंद्र बहादुर ने बताया की मामले को लेकर एसडीएम काफी गंभीर है उनके द्वारा एडीओ पंचायत को टीम बनाकर जांच का आदेश दिया गया है। इस संदर्भ में जब बीडीओ से बात हुई तो उन्होंने कहा कि कौन सा मामला कैसा मामला, ऐसा कोई मामला मेरे जानकारी में नही है। पीड़ित का कहना है कि मामले में अगर कोई कार्यवाही न हुई तो वो उच्चाधिकारियों के चौखट पर जाकर न्याय की फरियाद करेंगे। इस मामले में जब सैक्रेट्री से जानकारी लेने की कोशिश की गई तो फोन पर घंटी बजती रही मगर सैक्रेट्री का फोन नही उठा।

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