नेपाल भागने वाले दोनो आरोपियों को पुलिस ने बनाया था निशाना
एन.के.मौर्य
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में हुई हिंसा से आज भी लोगों का दिल दहला हुआ है। हिंसा की आग को बढ़ावा देकर मौत का खेल खेलने वाले 2 मुख्य आरोपी नेपाल भागने वाले ही थे कि पुलिस ने इन्हें दबोच लिया, दरअसल नेपाल भागने से पहले पुलिस को इनका लोकेशन मिल गया जिसके बाद इनको पूरी तरह से ट्रैक किया गया, आखिरकार पुलिस ने इनको ढूंढ ही लिया। बताया जाता है कि आरोपियों ने बचने के लिए पुलिस टीम पर फायर किया जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाई। इस दौरान पुलिस मुठभेड़ मे सरफराज उर्फ रिंकू और मोहम्मद तालीम उर्फ सबलू का एनकाउंटर किया गया, जिनके पैरों में गोली लगते ही पुलिस ने उन्हें दबोच लिया है। मामले में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने बताया कि कैजुअल्टी नहीं हुई है। बताते चलें कि पुलिस ने अब तक कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिसमे एनकाउंटर में दो को गोली लगी है। मामला नेपाल सीमा के पास हांडा बसेहरी नहर के पास का है वहीं, घायल आरोपियों का इलाज करने वाले समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नानपारा के डॉक्टर ने कहा कि दोनों के पैर में गोली लगी है। बुलेट एग्जिट पॉइंट नहीं मिला है, गोली अंदर फंसी हुई है, ऐसे में उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

13 अक्टूबर को रामगोपाल की हत्या के मामले मे पुलिस द्वारा मोहम्मद फ़हीन, मोहम्मद तालीम उर्फ सबलू , मोहम्मद सरफराज,अब्दुल हमीद व मोहम्मद अफज़ल 05 लोगों को अरेस्ट किया गया है
बताते चलें कि मर्डर में प्रयुक्त हुए हथियार की बरामदगी के लिए जब पुलिस टीम लेकर सरफराज उर्फ रिंकू और मोहम्मद तालीम उर्फ सबलू को गिरफ्तार करने पहुंची तो वहां पर रखे हथियारों से पुलिस पर फायरिंग की गई। इस दौरान पुलिस के जवाबी फायरिंग में दोनों के पैरों मे गोली लगी है। दोनों गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज चल रहा है।

मामले में बहराइच एसपी वृंदा शुक्ला का कहना है कि सभी पांच आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं. दो को गोली लगी है. इलाज के लिए अस्पताल ले गए हैं. घटना में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया गया है. आगे की कार्रवाई की जा रही है. जैसे-जैसे तथ्य आएंगे उसे तरीके से आगे कार्रवाई होगी. हिंसा के आरोपियों पर रासुका लगाया जाएगा.
बताया जा रहा है कि पकड़े गए सभी आरोपी बहराच हिंसा में मारे गए रामगोपाल मिश्रा की हत्या में शामिल थे। इन्होंने ही साथियों संग मिलकर रामगोपाल पर गोली चलाई थी। घटना के वक्त के कुछ वीडियोज सामने आए हैं, जिनमें अब्दुल हमीद की छत पर चार से पांच लोग नजर आ रहे हैं। यहीं पर कुछ देर बाद रामगोपाल को गोली मारी गयी थी।

बहराइच मे भड़की हिंसा की बात करें तो इस तरह से यहां हिंसा भड़की थी।
आपको बता दें कि बहराइच के थाना हरदी क्षेत्र के रेहुआ मंसूर गांव निवासी रामगोपाल मिश्रा बीते रविवार की शाम करीब 6 बजे दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए निकले जुलूस में शामिल था। ये जुलूस जब महराजगंज बाजार में समुदाय विशेष के मोहल्ले से गुजर रहा था तो दो पक्षों में कहासुनी हो गई। चर्चा है कि झंडा फहराने व डीजे बजाने को लेकर आपस में कहा सुनी हुई थी। जो हिंसा में तब्दील हो गयी। आरोप है कि इस दौरान छतों से पत्थर फेंके जाने लगे, जिससे विसर्जन में भगदड़ मच गई.इस बीच रामगोपाल को गोली मार दी गई, जिससे उसकी मौत हो गई. रामगोपाल की मौत की खबर के बाद महराजगंज कस्बे में दंगा शुरू हो गया। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के घर समेत कई वाहनों में तोड़फोड़ की और उसमें आग लगा दी। हिंसा का दौर अगले दिन भी जारी रहा। कई प्रतिष्ठानों को आग के हवाले कर दिया गया। चारों तरफ धुआं ही धुआं नजर आने लगा। जिसके चलते जिले में भारी पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी। दिल दहला देने वाली घटना को खुद सीएम योगी ने संज्ञान मे लिया है। फिलहाल इस वक्त हालात सामान्य है। क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील है।
