LATEST NEWS
वजीरगंज दरोगा के सर पर खाकी का जुनून , बोले ब्राह्मणों को देखकर खौलता है खून
छपिया मे हुईं लूट की घटना का अब तक नही खुलासा, पीड़ित ने अब एसपी से की लूट की घटना के खुलासे की मांग
ये खान सर बिहार का ‘नटवरलाल’ है, सगे चाचा ने खोली पोल, लगाए गंभीर आरोप
दिल्ली के महरौली मे भर भराकर गिरी 5 मंजिला इमारत, गोण्डा के रवि वर्मा कि हुई मौत
आईजी सर ! यहाँ तो आजाद पंक्षी कई तरह घूम रहा है पत्रकार के घर पर हवाई फायरिंग करने वाला आरोपी दबंग
पत्रकार के घर चढ़ कर हवाई फायरिंग करने वाले आरोपी पर केस दर्ज 
डीआईजी साहब ! यहाँ तो 4 वर्षों से टिके दीवान व 7 वर्षों से टिके सिपाही के करनामो से त्रस्त हैं लोग
पत्रकारिता दिवस की तैयारी को लेकर श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की बैठक संपन्न
पकड़ा गया शुभेंदु अधिकारी के PA का हत्यारा, टोल पर एक UPI पेमेंट ने खोल दी संदिग्‍ध राज सिंह की पोल

नवोदित साहित्य संस्थान की मासिक का गोष्ठी संपन्न

डा0 एन.के मौर्य

गोंडा। नवोदित साहित्य संस्थान उत्तर प्रदेश की मासिक का गोष्ठी रॉयलसन पब्लिक इंटर कॉलेज भोपतपुर हथिनी खास गोंडा में संपन्न हुई। जिसकी अध्यक्षता कृपा शंकर तिवारी और संचालन डॉक्टर बी एन शर्मा ने किया।

गोष्ठी का शुभारंभ शत्रुघ्न सिंह कमलापुरी की सरस्वती वंदना से हुई काव्य पाठ करते हुए उन्होंने कहा कि मेरा भारत प्यारा भारत ,सब देशों से न्यारा भारत। विश्व का सरताज है, यह देवताओं का भी दुलारा भारत। तत्पश्चात राम सूरज वर्मा प्रकाश ने अपनी रचना प्रस्तुत करते हुए कहा कि कवियों की महफिल में देखा उनका अद्भुत रंग। कुछ छींटे पड़ गए बदन पर ,अब तक छुड़ा ना पाऊं, कुछ बोलो क्या गाऊं, तत्पश्चात रघुभूषण तिवारी ने के काव्य पाठ करते हुए कहा कि -“मंदिर मस्जिद के चक्कर में, उलझ गया इंसान। कहीं सड़क पर सजदा करता, कहीं लगता ध्यान। इसी क्रम में हनुमानदीन पांडे ने अपनी रचना कुछ इस तरह प्रस्तुत किया। जन-जन में जागृत लाना है। ज्ञान की ज्योति जलाना है, तत्पश्चात सुधांशु बसंत ने कुछ इस तरह अपना काव्य पाठ प्रस्तुत किया। चलो चले चलते-चलें, चलें अयोध्या धाम। दर्शन देने के लिए, आए हैं श्री राम। तत्पश्चात रामतेज शर्मा ने काव्य पाठ करते हुए कहा कि धूल बनाकर रहूं यूं तेरे चरणों में मां । बस कृपा मुझ पर, यूं ही बनाए रखना। इसके बाद संचालन कर रहे डॉक्टर बी एन शर्मा ने नववर्ष पर अपनी रचना  प्रस्तुत करते हुए कहा कि आया नया साल है फिर से दृढनिश्चय निश्चय हो जाए। खुशियां चाहकें, जीवन महके, मर्यादा अपनायें,उक्त अवसर पर वीरेंद्र नाथ पांडे , कार्तिक चतुर्वेदी ,आदर्श वर्मा ,प्रिंस विश्वकर्मा ,श्याम बाबू गुप्ता, सहित अनेकों गण मान्य लोग मौजूद रहे और काव्य पाठ का रसास्वादन किया।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top