छतीसगढ़ के कोरबा में एक लोहे का पुल रातों-रात गायब हो गया। जिससे क्षेत्र मे हड़कंप मच गया, बताया जाता है की 16 जनवरी की रात को पुल था, लेकिन 17 जनवरी की सुबह तक वह पूरी तरह से चोरी हो गया था। चोरों ने गैस कटर से पुल को काटकर चुरा लिया। इस मामले मे पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
40 साल पुराना था ये पुल
यह पुल हसदेव नहर पर बना था और करीब 40 साल से लोगों के इस्तेमाल में था। स्थानीय लोगों ने जब पुल को गायब देखा तो उन्होंने अपने पार्षद को इसकी सूचना दी। पार्षद लक्ष्मण श्रीवास ने कलेक्टर कुणाल दुदावत और एसपी सिद्धार्थ तिवारी को शिकायत सौंपी, जिसके बाद CSEB पुलिस चौकी में मामला दर्ज किया गया।
पुलिस पकड़ से बाहर है मुख्य आरोपी
पुलिस के मुताबिक, इस चोरी के पीछे एक कबाड़ी का हाथ है, जो एक बड़े गिरोह को चलाता है। मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। प्रशासन उस पर पाबंदी का नोटिस जारी करने की तैयारी कर रहा है। पुलिस को मौके पर पुल के कुछ कटे हुए हिस्से मिले, जिससे पता चला कि काम जल्दी में किया गया था। कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि चोरी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है। मुख्य आरोपी की पहचान मुकेश साहू उर्फ ‘बरबट्टी’ के तौर पर हुई है। कोरबा में चोरी हुआ पुल हल्का था, लेकिन वह भी करीब 40 साल से लोगों के काम आ रहा था। यह पुल करीब पांच फीट चौड़ा था और रात करीब 11 बजे तक लोग इसका इस्तेमाल कर रहे थे। सुबह तक इसका कोई निशान नहीं बचा था। इस घटना से पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया । पुलिस ने एक SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) बनाई और संदिग्ध कबाड़ी अड्डों पर तलाशी शुरू कर दी है।
