दलित पीड़ित ने सिपाही सुशील सिंह व दीवान रोविन सिंह पर लगाया माँ बहन की गालियां देकर मूका थप्पड़ मारने का आरोप
एन.के मौर्य (चीफ एडिटर)
एसपी साहब ! लोग आते हैं लोग जाते हैं ये वहीं पर डटे रह जाते हैं, जरा सिपाही सुशील सिंह पर पर भी ध्यान दे दीजिये जो तीसरी पोस्टिंग पर तैनात होकर वजीरगंज थाने मे खुलेआम नियम कानून की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं। गोण्डा के वजीरगंज थाने की बात करें तो यहां तैनात हल्का नंबर 3 के बेलगाम सिपाही सुशील सिंह का घृणित कारनामा दिनों दिन परवान चढ़ता जा रहा है। पीड़ितों को भद्दी भद्दी गालियां देकर उन्हें प्रताड़ित करना इनके आदत मे शुमार है।

चर्चा है की इसका इस थाने मे तीसरी पोस्टिंग है, जिसके चलते क्षेत्र के कुछ दलालों से मिलकर थानेदार को गुमराह करके ये पीड़ितों की आये दिन दुश्वरियां बढ़ा रहा है, तमाम कारनामे उजागर होने के बावजूद इसका अंगद रुपी पैर थाने पर जमा हुआ है।

सीएम योगी का सख्त आदेश है कि कानून के साथ खिलवाड़ कदापि न होने पाए बावजूद इसके वजीरगंज थाने के बेखौफ सिपाही सुशील सिंह नियम कानून को फुटबॉल बनाकर उससे खिलवाड़ करते नज़र आते हैं। इस सिपाही की बात करें तो चर्चा है की ये हल्का नंबर 3 मे तैनात हैं। हैरानी कि बात तो यह है कि कानून व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त रखने के लिए एसपी विनीत जायसवाल ने कई बार ताश के पत्तों कि तरह फेंट कर सिपाहियों व उपनिरीक्षकों को इधर से उधर किया, मगर री पोस्टिंग पर सर्प कुंडली मारकर बैठने वाले सिपाही सुशील सिंह वहीं के वहीं जमे रहे। इनका मनोबल इस कदर बढ़ा हुआ है कि वर्दी को शर्मसार करने मे भी कोई कोर कसर नही छोड़ते। जिसका प्रमाण तब देखने को मिला जब चंदापुर मोहलिया निवासी राजगीर दलित राम चन्दर पुत्र पंचम को दबंग विपक्षी से मिलकर सिपाही सुशील सिंह व दीवान रोविन सिंह ने जमकर पिटाई कर दी।

सिपाही सुशील सिंह
पीड़ित रामचंद्र ने एसपी विनीत जायसवाल व अन्य अधिकारियों को दिए शिकायती पत्र मे दर्शाया है कि वह राजगीर मिस्त्री के कार्य के साथ ही साथ ही बल्ली पटरा को किराये पर देने का कार्य करता है। उसने बताया कि कुछ दिनों पहले उसने दिगम्बर पुत्र चन्द्रिका को 150 पटरा किराये पर दिया था, जिसके रुपये माँगने पर दिगम्बर उसे रुपये न देकर मारने पीटने कि धमकी देता था।

पीड़ित ने मामले की तहरीर थाने पर दी, पूरा मामला इसी बेलगाम सिपाही सुशील सिंह को सौंपा गया, पीड़ित का कहना है कि वह जब दिनांक 18 जुलाई को अपने बहन के घर भट्ट पुरवा जा था तो रास्ते मे गांव के पहले वह राम सूरत कि दुकान पर रुका जहां विपक्षी दिगम्बर पहले से ही मौजूद था, इससे पहले उसके समझ मे आता वहां हल्का का बेलगाम सिपाही सुशील सिंह व दीवान रोविन सिंह भी पहुँच गए। पीड़ित का आरोप है कि इस दौरान दिगम्बर के ललकारने पर सुशील सिंह व रोविन सिंह उसे जाति सूचक गालियां के साथ माँ बहन कि गालियां देते हुए न केवल मूका थप्पड़ से मारे बल्कि ये धमकी भी दी है कि अब अगर थाने पर दिखाई दिये तो तुम्हारा हाथ पैर तोड़ दूंगा, इस बेलगाम सिपाही को कौन समझाये कि थाना इनकी जागीर नही ये जनता के लिए है। बहरहाल पीड़ित ने अधिकारियों के चौखट पर दस्तक देकर इनके विरुद्ध कार्यवाही कि मांग की है। अब देखना तो ये है कि कानून को शर्मसार करने वाले व थाने का दुलुरुवा कहे जाने वाले इस सिपाही पर एसपी कि गाज़ कब गिरती है ?
