पैसे वापस मिलने पर पीड़ितों के चेहरे पर लौटी मुस्कान, पीड़ितों ने गोण्डा पुलिस को दिया धन्यवाद
एन.के मौर्य (चीफ एडीटर)
गोंडा। जनपद गोण्डा में साइबर फ्रॉड अपराध की रोकथाम के संबंध में त्वरित कार्यवाही करने हेतु पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी श्री मनोज कुमार रावत के मार्गदर्शन में साइबर सेल टीम द्वारा पीड़ित के फ्रॉड गयी धनराशि को सम्बंधित बैंक/इंटीमेडरी से संपर्क स्थापित करते हुए धनराशि 74,717 रूपये पीड़ित के खाते में वापस करायी गयी है।

बताते चलें कि आलोक कुमार शर्मा पुत्र अमरनाथ शर्मा निवासी ग्राम चाँदारत्ती, पोस्ट खम्हरिया गोण्डा व अरविन्द कुमार तिवारी निवासी माधोजोत गांव इटियाथोक गोण्डा, अभिषेक कुमार निवासी मोतीगंज जनपद गोण्डा व राजे खान निवासी करनैलगंज, जनपद गोण्डा के अलग अलग तरीके से साइबर फ्राड के माध्यम से रूपये फ्राड हो जाने की तुरंत शिकायत आवेदकों द्वारा साइबर क्राइम की वेबसाइड पर तत्काल आनलाइन शिकायत दर्ज करायी तथा साइबर सेल पोर्टल पर शिकायत अपलोड किया। जिसके जांच के क्रम में साइबर सेल टीम द्वारा सम्बंधित बैंक/इंटीमेडरी से संपर्क स्थापित करते हुए पीड़ितों के 74,717/- रू0 की धनराशि वापस करायी गयी। पीड़ितों द्वारा अपने रूपये वापस पाकर प्रसन्नता जाहिर करते हुए गोण्डा पुलिस को धन्यवाद दिया गया।

साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर सूचना अंकित कराये, सूचना विलम्ब से देने पर साइबर अपराधियों द्वारा धन निकाल लिया जाता है। धन निकलने के उपरान्त पैसे वापस होने की सम्भावना बहुत कम होती है। लोगो को साइबर ठगों से सावधान रहने की जरुरत है। किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी बैंक डिटेल, ओ0टी0पी0, बायोमैट्रिक डेटा, पैन कार्ड व आधार कार्ड की डिटेल किसी के साथ साझा न करें। फ्रॉड ट्रांजेक्सन होने पर तत्काल अपने बैंक एवं थाना पर गठित साइबर सेल को सूचना दें एवं साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएँ
साइबर सुरक्षा टिप्स
01. ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी बरतें
02. किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी, बायोमैट्रिक डेटा, पैन कार्ड व आधार कार्ड की डिटेल किसी के साथ साझा न करें।
03. सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
04. अनजान लिंक्स पर क्लिक न करें।
05. अपने डिवाइस को सुरक्षित रखें।
06. ऑनलाइन शॉपिंग में सुरक्षित वेबसाइट्स का उपयोग करें।
07. पासवर्ड को मजबूत और गुप्त रखें।
08. ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी रखें।
09. साइबर बुलिंग और साइबर स्टॉकिंग के मामलों में तुरंत पुलिस को सूचित करें।
10. ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों में कंपनी प्रबंधन और पुलिस को सूचित करें
