सुभाष (News Nnc24)
गोण्डा के कई थानो मे कानून व्यवस्था पटरी से उतरती जा रही है। यहाँ पुलिस का खौफ खत्म होता जा रहा है। जिसके चलते आम लोगों मे खौफ का माहौल है। अधिकांश थानो मे मे तो पीड़ित न्याय पाने के लिए लगातार थाने पर एंडीयां घिसता रहता है मगर थानेदार हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते हैं। चर्चा हसि कि कुछ थानो मे पीड़ितों को न्याय दिलाने कि बजाय थानेदार दबंगों पर ही मेहरबान दिखाई देते हैं और पीड़ितों पर ही वर्दी का रौब झाड़ने लगते हैं। जिसके चलते पीड़ितों की दुश्वरियां चरम पर है।

ऐसा ही एक मामला गोण्डा जिले के उमरीबेगम गंज थाना क्षेत्र के पकवान गांव का है। जहां दबंगो के कहर से त्रस्त पीड़ित को जब थाने से न्याय न मिला तो उसने सिसकियां भरते हुए कहा कि साहब ये लोग दबंग है, मेरी माँ को मारे बहन को मारे हमको भी मारे, अब तक इन पर कोई कार्यवाही नही हुईं, हम घर मे सिर्फ तीन ही लोग हैं, जब हम सबको ये जान से मार डालेंगे तभी शायद इन पर पुलिस कोई कार्यवाही करेगी। मनीष यादव का कहना है कि उसके गन्ने के खेत को दबंगो ने खुलेआम जला दिया, जिसकी न्याय के लिए वो लगातार 3 दिनों से थाने का चक्कर काट रहा है जहां थानेदार आश्वासन का घूँट पिलाकर कुम्भ करनी नींद सोये हैं। यहाँ के पीड़ित मनीष यादव पुत्र मुकेश यादव का कहना है कि विष्णु जायसवाल व पप्पू जायसवाल जो कि दबंग किस्म के लोग हैं आये दिन उस पर दबंगई का कहर बरपाते हैं और आमादा फ़ौजदारी हो जाते हैं।

पीड़ित का कहना है कि उसके पिता कि मृत्यु हो चुकी है, घर पर सिर्फ उसकी माँ व बहन है, हम सिर्फ तीन लोग घर मे रहते हैं, जिस पर इनका कहर बारपता है। पीड़ित का आरोप है कि ये दबंग किस्म के लोग हैं. जिन्होंने उसकी 24 लाख कि जमीन हड़प ली है, जिसका ढाई लाख रुपये अब तक नही दिए।

पीड़ित ने बताया कि दिनांक 28 अप्रैल को इन दबंगो ने उसके गन्ने के खेत को जला दिया, जिसकी तहरीर जब उसने थाने पर दी तो एसओ ने कहा कि इन लोगों पर मुकदमा दर्ज करेंगे, मगर तीन दिन बीत गए थानेदार साहब थम कर मौन हो गए। जबकि दबंग उसे जान से मारने कि धमकी दें रहे हैं। पीड़ित ने कहा कि वह न्याय पाने के लिए लगातार दौड़ रहा है मगर उसे न्याय नही मिल रहा है।उसने रोते हुए कहा कि लगता है कि हम लोगों को ये दबंग जब मार डालेंगे तब ये पुलिस मुकदमा दर्ज करेगी।

एसपी साहब सम्भालिये इन पुलिस वालों को जो थाने पर बैठकर पीड़ितों कि दुश्वरियां बढ़ा रहे हैं। ये खुलेआम योगी सरकार के आदेशों कि धज्जियाँ उड़ा कर शासन की छवि धूमिल कर रहे हैं।

यहाँ एक थाने की बात नही कई थानो मे पुलिस बेलगाम हो चुकी है. जिसका उदाहरण वजीरगंज व कर्नलगंज थाना है. वजीरगंज मे भी विपुल पाण्डेय की बेलगामी किसी से छिपी नही है, आये दिन इनके पुलिसिया तांडव का खेल उजागर होता है. बावजूद इसके ये आज भी कुर्सी संभाले बैठे हैं।

ऐसे ही कर्नलगंज थाने मे मौजूद सिपाही अमित पाठक ने मृतक बेटी के बाप पर पुलिसिया कहर बरपाया, आरोप तो ये भी है की इस बेखौफ सिपाही ने पिस्टल निकालकर पीड़ित पर तान दी थी, एसपी साहब इन पुलिस वालों को रक्षक कहा जाए या भक्षक, कितनी हैरानी की बात है कि आये दिन अखबार कि सुर्खियों मे इनके घृणितकारनामो का जिक्र रहता है बावजूद इसके ये थाने कि कुर्सी पर आशीन रहते हैं. जो कानून व्यस्था पर एक बड़ा सवाल है। काश yogi कि निगाहे यहाँ पड़ती जहां कानून व्यवस्था पटरी से उतरकर दाँवाडोल होता जा रहा है।
