अब योगी के चौखट पर पिता पुत्री फैलाएंगे न्याय की झोली
एन.के मौर्य (चीफ एडिटर)
गोंडा। मैं अभी कुछ नही कर पाऊंगा, तुम्हारे साथ अगर कोई वारदात होती है तो डायल 112 पर फोन कर देना, एक पीड़ित पिता व उनकी बेटी ने दर्द की सिसकियां भरते हुए ये आरोप गोंडा जिले के तरबगंज थाने की पुलिस पर लगाया है। जहां न्याय दिलाने की बजाय पीड़ितों को दुत्कारा गया।

पूरा मामला थाना क्षेत्र के ग्राम डवरी किंधौरा से जुड़ा है। जहां के निवासी परशुराम गुप्ता ने अपनी पत्नी से जान माल की रक्षा के लिए थाना तरबगंज में जाकर न्याय की गुहार लगाया है। पीड़ित का कहना है कि उसके चार बच्चे हैं। वो कुछ दिनों पहले पूरे परिवार के साथ चंडीगढ़ चला गया था। जहां उसकी पत्नी गैर पुरुष से अवैध संबंध हो गया। जिसे लेकर जब उसने पत्नी को समझाने बुझाने की कोशिश की तो उल्टा पत्नी ने उसे हवालात में डलवा दिया। परशुराम ने बताया कि उसकी पत्नी किसी कीमत पर सरफिरे युवक से अलग होना नही चाहती, लिहाजा परशुराम को प्रताड़ित किया जाने लगा। देखते ही देखते नाजायज रिश्तों की डोर में बंधने वाली पत्नी ने मानवता को ताक पर रख दिया। और अपने ही पति के जान की दुश्मन बन गई। परशुराम का कहना है कि किसी तरह वो अपने 17 वर्षीय बेटी माहिम के साथ अपनी जान बचाकर अपने गांव तरबगंज आ गया। मगर यहां भी वो सुरक्षित नहीं है। उसने पत्नी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि गांव में पत्नी के नाम पट्टे की भूमि है जिस पर उसने खून पसीने की कमाई से मकान बनवाया है। जिसे औने पौने भाव बेच कर उसे बेघर करके बर्बाद करना चाहती है। जिसे रोकने पर जान से हाथ धोने की धमकी मिली है। दूसरी ओर पीड़ित बेटी माहिम गुप्ता ने जो मां पर आरोप लगाए हैं वो मां की ममता को शर्मसार करने वाला है। माहिम का कहना है कि उसकी मां उसे गलत धंधे में धकेलना चाहती है। उसकी शादी भी उसके मां ने उसके क्लास मेट के साथ करवा दिया था। उसके पति को भी गलत कामों के लिए प्रोत्साहित करती थी, जिसका विरोध करने पर उसको भी प्रताड़ित किया जाने लगा। माहिम का आरोप है कि उसके खुद की मां ने फेस बुक पर बेटी का फोटो लगाकर अभद्र टिप्पणी के साथ उसे शेयर किया है। जिसे शब्दों में बयां नही किया जा सकता। पीड़िता माहिम का कहना है कि पिता पुत्री दोनो की जान का खतरा है। उसने बताया कि उसकी मां कई लोगों के साथ चंडीगढ़ से तरबगंज आ गई है। जो अयोध्या रह रही है। वो औने पौने दाम में मकान बेचकर सभी को बेघर करना चाहती है। जिसका विरोध करने पर जान माल की धमकी दी गई है। पिता पुत्री का कहना है कि उनके जान को खतरा है। कभी भी अनहोनी घटना घट सकती है।

पीड़ित ने पुलिस पर लगाया पुलिसिया उत्पीड़न का आरोप
पीड़ित पिता परशुराम का कहना है कि दिनांक 27 अक्टूबर को उसकी। पत्नी के साथ आरोपी युवक भी थाने पर आया था। बावजूद इसके पुलिस ने कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं किया। पीड़ित का आरोप है कि जब उसने अपना दर्द बयां किया तो उसे सुनने की बजाय थाने के सिपाही सभाजीत ने उसे थप्पड़ों से मारा। इतना ही नहीं महिला कांस्टेबल ने उसकी बेटी को मारा पीटा है। यहां तक कि कोरम पूर्ति के लिए दोनो पक्षों का 151 के तहत चालान किया गया। कितने हैरानी की बात है कि कुछ दिनों पहले डीजीपी ने आदेश दिया था कि पीड़ितों पर कोई मुकदमा दर्ज ना हो। इसके बावजूद थाने में पीड़ित को दर्द आंसू बहाने पड़े। यहां न आला हाकिमों के निर्देशों का खौफ है और न ही योगी के गाज गिरने का डर है।

सीएम के चौखट पर पिता पुत्री फैलाएंगे न्याय की झोली
पीड़ितों का कहना है कि अगर उन्हें जल्द ही न्याय न मिला तो वो पिता पुत्री दोनो योगी के चौखट पर दर्द की सिसकियां भर कर न्याय की झोली फैलाएंगे। उन्हें पूरा उम्मीद है कि वहां न्याय मिलेगा।
