यूपी के आगरा जिले मे बेरहम पत्नी की हैवानियत का खेल उजागर हुआ है। वेलेंटाइन वीक में पत्नी ने पति की बेरहमी से हत्या कर दी। गुमराह करने के लिए शव को फंदे पर लटका दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

पूरे प्रकरण की बात करें तो गांव लोधई निवासी लवकेश बिजली मिस्त्री थे। पिता सुरेश चंद तोमर बेलनगंज में नाैकरी करते हैं। वहीं रहते भी हैं। लवकेश पांच बहनों में इकलाैता भाई था। उसकी शादी चार साल पहले सहपऊ, धाैलपुर, राजस्थान की गाैरी के साथ हुई थी। तीन साल का एक बेटा है। पिता ने बताया कि 10 फरवरी तड़के 4 बजे घर से फोन आया कि लवकेश ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। परिवार में कोहराम मच गया। वह घर पहुंचे।
गाैरी ने बताया कि वह दूसरे कमरे में सो रही थी। सुबह जब पति के कमरे में गई तो वो फंदे से लटके थे। किसी तरह का विवाद न होने से परिजन ने पुलिस को सूचना नहीं दी। अंतिम संस्कार कर दिया। अगले दिन घर में हवन-पूजन था। गाैरी की गतिविधियां देखकर परिजन को शक हुआ। परिवार की महिलाओं ने उससे पूछताछ की। पुलिस बुलाने की कहने लगे। इस पर वो घबरा गई। हत्याकांड के बारे में बता दिया। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि गाैरी ने पूछताछ में कई जानकारियां दी। बताया कि पांच महीने से चचेरे देवर सुंदर से प्रेम संबंध हैं। वह पति की तरह बिजली मिस्त्री है। दोनों छिपकर मिलते थे। मगर कुछ दिन से पति ने शक होने पर झगड़ा शुरू कर दिया था। 9 फरवरी की रात पति के सोने पर सुंदर मिलने आया था। दोनों को पति ने देख लिया। इसके बाद उन्होंने लवकेश को पकड़कर बेड पर लिटा दिया।
उसके मुंह पर सुंदर ने तकिया लगा दिया। उसने खुद पति के हाथ और पैर पकड़ लिए। वह बचने का प्रयास करता रहा। मगर कुछ देर बाद माैत हो गई। उन्हें पता था कि ऐसे पति मृत मिलेगा तो ज्यादा पूछताछ होगी। उन्होंने साड़ी का फंदा बनाकर पति को पंखे से लटका दिया। सुंदर घर चला गया। वह भी दूसरे कमरे में सोने गई। सुबह जागने पर रोते हुए शोर मचाया।
किसी को शक नहीं हुआ। मगर महिलाएं समझ गई थीं। बार-बार कारण पूछ रही थीं। इससे वो टूट गई। पुलिस ने पत्नी के बयान रिकाॅर्ड किए हैं। आरोपियों की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही हैं, जिससे विवेचना में लगाया जा सके। वहीं सुंदर काम पर गया था। उसे पुलिस टीम ने वहां से दबोचा।
बहनें हुईं बेहाल
लवकेश पांच बहनों में इकलाैता भाई था। उसकी माैत से बहनें रो-रोकर बेहाल हो गई हैं। वह एक ही बात बोल रही हैं कि भाभी ने भाई की जान क्यों ले ली। अगर उसे किसी और के साथ रहना था तो उसके साथ चली जाती। बहनों को परिवार की महिलाओं ने किसी तरह संभाला।
