वरिष्ठ पत्रकार ए.आर उस्मानी की मौत से गोण्डा के पत्रकारों मे मातम का माहौल
एन.के मौर्य (News Nnc24)

गोण्डा। कहावत है जिंदगी तो बेवफा है एक दिन ठुकरायेगी, मौत महबूबा है अपने साथ लेकर जायेगी, किसी को क्या पता था कि वो शख्स जिसकी लेखनी से गलत कार्य करने वालों की नींद हराम हो जाती थी, उनकी दिल की धड़कने तेज हो जाती थी वो शख्स देखते ही देखते महज 50 वर्ष की उम्र मे इस दुनिया को अलविदा कह जाएगा।

दोस्तों वो शख्स कोई और नही गोण्डा जिले के ग्राम काजीदेवर के वरिष्ठ निर्भीक पत्रकार ए. आर उस्मानी थे, जिनके बेखौफ़ पत्रकारिता से अपराधियों की हालत ख़राब हो जाती थी, ए. आर उस्मानी किसी नाम के मोहताज नही थे, गोण्डा के पत्रकारिता जगत मे इनके नाम की तूती बोलती थी, मगर अफ़सोस एक गंभीर बीमारी ने दस्तक देकर इनकी ज़िन्दगी मे ग्रहण लगा दिया, ए आर उस्मानी की तबियत अचानक बिगड़ गई, जिन्हे लखनऊ के एक हॉस्पिटल मे भरती कराया गया, जहाँ डाक्टरों द्वारा इनका ऑपरेशन किया गया, कुछ दिनों के बाद ए आर उस्मानी हॉस्पिटल से जब घर आये तो उनके हॉलत मे कुछ सुधार था, परिजनों के साथ ही गोण्डा के पत्रकार साथियों को लगा कि कुछ दिनों के बाद ए आर उस्मानी फिर से उनके बीच रहकर शेरों की भांति दहाड़ेंगे, मगर अफ़सोस अचानक उनकी तबियत फिर ख़राब हो गई। उन्हें दोबारा लखनऊ के राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल मे भरती कराया गया। जहाँ इलाज के दौरान दिनांक 12 जनवरी की सुबह वो इस दुनिया को हमेशा के लिए छोड़कर चले गए। उनके निधन की खबर आग की तरह फैली, गोण्डा के पत्रकारिता जगत मे मातम जैसा माहौल हो गया, बेखौफ़ लेखनी के इस बेताज बादशाह के चले जाने से गोण्डा के पत्रकारिता जगत मे अपूर्णिय छति पहुंची है। परिजनों मे जहाँ हाहाकार मचा हुआ है. वहीँ पत्रकारों मे भी मातम का माहौल व्याप्त है। दोस्तों जब भी बात निष्पक्ष, निडर व बेबाक पत्रकारों की चलेगी तो ए. आर उस्मानी का नाम बड़े अदब से लिया जाएगा, भले ही वो आज इस दुनिया मे नही है मगर उनकी बेबाक दमदार लेखनी सदैव उनकी याद दिलाती रहेगी।
