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छपिया पुलिस के आगे मायने नही रखता एसडीएम का आदेश, दबंगो से मिलकर अवैध निर्माण करवाने का आरोप

एन.के मौर्य (चीफ एडिटर)

यूपी मे अवैध निर्माण पर जहाँ सीएम योगी  का बुलडोजर चल रहा है, वहीँ आरोप है कि मनकापुर तहसील अंतर्गत छपिया थाना से जुड़े बभनान पुलिस चौकी के ग्राम मण्डफ बभनीपायर मे एसडीऍम के स्थगन आदेश को दर किनार करके वहां की बेखौफ पुलिस खुद बैठकर अवैध कब्ज़ा करवा रही है। जिन्हे न तो शासन का डर है और न ही अधिकारियों के कार्यवाही का खौफ़ है।

पूरे प्रकरण की बात करें तो यहाँ के पीड़ित बीरेंद्र कुमार का कहना है की  हमारे गाटा संख्या 517 के बगल 518 चक मार्ग है, जबकि चक मार्ग के बगल ही गाटा संख्या 519 हृदय राम का है, जिसने गाटा संख्या 519 के साथ ही चक मार्ग की भूमि 518 को भी जबरन कब्ज़ा कर रखा है। पीड़ित का आरोप है कि यहाँ के दबंग प्रधान प्रतिनिधि पुलिस व लेखपाल से मिलकर चक मार्ग कि भूमि गाटा संख्या 518 की बजाय उसके गाटा संख्या 517 पर जबरन चक मार्ग निकाल रहे हैं। जबकि उस पर एसडीएम मनकापुर का स्थगन आदेश भी जारी है कि यहाँ स्थित ज्यों का त्यों बरकरार रहे।

कितनी हैरानी की बात है कि पुलिस वालों के आगे एसडीएम का आदेश भी कोई मायने नही रखता, जिसे खुलेआम ताक पर रख दिया गया, पीड़ित छपिया थाने जाकर गिड़गिड़ाया मगर वहां भी उसे न्याय न मिला, वहीँ  इस मामले को लेकर जब राजस्व निरीक्षक कुंवर बहादुर मौर्या से बात हुई तो उन्होंने कहा कि प्रतिवादी के पास यथा स्थित बरकरार रहने का स्थगन आदेश है, जिसे लेकर वहां हो रहे जबरन निर्माण को रुकवाने के लिए  मैंने लेखपाल को भेजा था, मगर लेखपाल साहब तो कुछ और ही निकले, पीड़ित ने पुलिस के साथ ही लेखपाल पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया है, पीड़ित का आरोप है कि जबरन उसके खाते की भूमि पर आरसीसी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है जबकि पुलिस व लेखपाल न्याय दिलाने की बजाय दबंगो के जी हजूरी मे लगी हुई है। कितनी हैरानी कि बात है कि एसडीएम का स्थगन आदेश तहसील के चहर दीवारी तक ही सीमत होकर रह गया। ऐसे मे आखिर पीड़ित जाए तो कहाँ जाए जहाँ उसके सिसकियों पर विराम लग सके.

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