जिम्मेदारों ने खड़े किये हाथ, बोले मेरे बस की नही बात

एन.के मौर्य (News Nnc24)
गोण्डा जिले के विकास खंड मनकापुर क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाली ग्राम पंचायत गोपालपुर के राजस्व गांव तुरकौली मे इन दिनों आवारा कुत्तो का भारी आतंक है। इंसानो को दौड़ा कर काटना इन कुत्तों के आदत मे शुमार हो चुका है। इन आवारा कुत्तों के डर से लोगो ने घर से निकलना बंद कर दिया है। आवारा कुत्तो ने एक सप्ताह के अन्दर डेढ दर्जन से ऊपर लोगो को अपना शिकार बनाया है। जिसमे में महिला- पुरूष व बच्चे सामिल है, जो जिले सहित गैर जनपद मे इलाज करा रहे हैं।

बताते चलें कि कि आवारा कुत्तों के डर से खौफ़ के साये मे जी रहे ग्रामीण पशुपालन सहित वन विभाग के अधिकारियो से गुहार लगा चुके है।लेकिन सारे लोग अपने विभाग से सम्बन्धित न होना बताकर अपना पल्ला झाड चुके है। जिससे ग्राम सभा के लोग काफी भयभीत है। आपको बता दें की आवारा कुत्तों के हमले को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी काफी सख्त है, उनके द्वारा भी इन्हे पकड़ने का सख्त आदेश जारी है बावजूद इसके जिम्मेदार हाथ खड़ा कर देते हैं, जबकि आये दिन लोग इन कुत्तों का शिकार बन रहे हैं। ये आवारा कुत्ते घर के सामने बैठी महिलाये, पुरूष, बच्चो को भी अपना शिकार बना रहे है। ये एका-एक आक्रमक होकर इन पर टूट पड़ते हैं और काट कर जख़्मी कर देते हैं। जो लोगों के लिए काफी घातक साबित होता है। इन आवारा कुत्तो ने रामा देवी 55,प्रख्या सिंह 13,आशा सिंह 57,नैतिक सिंह 06,पुस्ई शर्मा 56,फूला देवी 65,नीबर यादव 52,गुडिया 47 वर्ष सहित डेढ दर्जन से ऊपर लोगो को अपना शिकार बनाया है। ।पीड़ित नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छपिया सहित गोण्डा व फैजाबाद प्राइवेट नर्सिंग होमो मे अपना इलाज करा रहे है।

ग्राम पंचायत प्रधान प्रतिनिधि विजय प्रताप सिंह के साथ गांव के लोगो ने इन आवारा कुत्तो को पकडवाने को लेकर छपिया थाना क्षेत्र अंतर्गत भोपतपुर पुलिस चौकी पर भी गुहार लगाई तो चौकी पर तैनात दिवान राजकुमार ने यह कहा की पुलिस विभाग को कोई ऐसी ट्रेनिंग नही दी गयी है की आवारा कुत्तो को पकडा जाय। हम बात वन क्षेत्राधिकारी की करें तो वन क्षेत्राधिकारी सादुल्लाहनगर वीरेंद्र तिवारी से ग्रामीणो ने बात की तो इनके द्वारा यह बताया गया की कुत्ते जंगली जानवर की श्रेणी में नही आते है ऐसे में विभाग के द्वारा कोई ऐसी व्यवस्था नही है की इन्हे पकडवा जाय।

पशु चिकित्सा अधिकारी छपिया विशाल यादव से जब बात हुई तो इस सम्बन्ध मे बात करने पर उनके द्वारा यह बताया गया है की जानवरो के काटने पर उनका इलाज किया जाता है। कुत्तों को पकडवाने की कोई व्यवस्था नही है।उन्होने यह भी बताया की यह मामला ग्राम पंचायत मनकापुर विकास खंड से सम्बन्धित है। ऐसे मे मनकापुर से सम्पर्क करना चाहिए। उनसे जब यह सवाल किया गया की पशु चिकित्सालय छपिया से मात्र 500 मीटर दूरी पर तुरकौली गांव स्थित है। मनकापुर 13 किलोमीटर तो उन्होने अपने जिम्मेदारी से मुकरते हुए कहा इसकी सूचना हमारे द्वारा मनकापुर पशु चिकित्सालय को दे दी जायेगी।

कितनी हैरानी की बात है कि एक तरफ ये महोदय कहते है कि यहाँ का मामला नही है वहीँ ये भी कहते हैं कि मेरे द्वारा ये सूचना मनकापुर दे दी जायेगी। मामले को लेकर जब जिला पंचायत राज अधिकारी लाल जी दूबे से बात की गयी।तो उनके द्वारा यह कहा गया की पंचायत विभाग के पास कुत्तो को पकडवाने की कोई व्यवस्था नही है न ही विभाग के पास कोई एक्सपर्ट है।उनसे जब यह सवाल किया गया की ग्राम पंचायत की सारी व्यवस्थाओ का उत्तर दायित्व जिला पंचायत राज विभाग के पास होती है तो उन्होने कहा है की दिखावाते है। मनकापुर के राजस्व गांव तुरकौली का आलम यह है कि लोगों के दिलों मे अवारा कुत्तो का खौफ़ इस कदर व्याप्त है कि लोग घर से निकलने में भय खा रहे है ऐसे मे किसी विभाग द्वारा जिम्मेदारी न लेना इन्हे काफी परेशान कर रहा है । ग्रामीणो को की इन अवारा कुत्तो से कैसे निपटा जाये। यह एक यक्ष प्रश्न बनकर रह गया है। बहरहाल प्रधान प्रतिनिधि विजय प्रताप सिंह ने खण्ड विकास अधिकारी मनकापुर गौरिशा श्रीवास्तव को लिखित रूप से गांव में कुत्तो के आतंक के बारे अवगत कराते हुए ग्रामीणी की सुरक्षा की मांग की है।
