
एन.के मौर्य (चीफ एडीटर)
जिसके साथ जीने मरने की कसमें खाई, रात की नींदे उड़ाई, जिसके लिए घर-समाज से लड़ा, उसी से ना जाने क्यों ऐसी नफरत हुई कि रास्ते से हटाने के लिए गुनाह से भी परहेज नहीं की. ऐसा खूनी खेल खेला कि हर कोई सन्न रह जाए, देखते देखते पत्नी ही पति की हत्यारण बन गई।

ये खौफनाक वारदात मेरठ के सौरभ कुमार हत्या कांड का है। सौरभ कुमार हत्याकांड में कई बड़े खुलासे सामने आ रहे हैं जो काफी चौंकाने वाले हैं. मेरठ के सौरभ हत्याकांड ने हर किसी को हिलाकर रख दिया है. प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर पत्नी मुस्कान रस्तोगी ने जिस क्रूरता से पति को मौत के घाट उतार कर उसके शरीर के 15 टुकड़े किए थे। और उसे छिपाने के लिए प्लास्टिक के ड्रम में शरीर के अंगों को डालकर उसमें सीमेंट के घोल भरकर उसे छिपाया था। उसे देखकर हर कोई हैरान है कि आखिर एक पत्नी ऐसा कैसे कर सकती है. इस मामले में नए-नए खुलासे हो रहे हैं, जिन्हें सुनकर रूह कांप उठती है. आइए जानते पूरी दास्तां।

उत्तर प्रदेश के मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड ने न सिर्फ शहर को हिलाकर रख दिया, बल्कि इस सनसनीखेज वारदात ने सवालों का ऐसा जाल बुना है कि हर कोई हैरान है. पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला ने मिलकर सौरभ की हत्या की, लेकिन इस खौफनाक साजिश का असली सूत्रधार कौन था? क्या यह मुस्कान की चालाकी थी या साहिल का अंधविश्वास और जुनून? पुलिस की जांच में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं, जो इस गुत्थी को और उलझा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया है कि मुस्कान रस्तोगी इस हत्याकांड की मुख्य साजिशकर्ता थी. उसने साहिल की कमजोरी को समझा और उसका इस्तेमाल अपने फायदे के लिए किया. साहिल अपनी मां से बेहद प्यार करता था और उनकी याद में अक्सर भावुक हो जाता था. मुस्कान ने इसी कमजोरी को हथियार बनाया. उसने स्नैपचैट पर फर्जी आईडी बनाकर साहिल को मैसेज भेजे, जिसमें लिखा कि सौरभ की हत्या जरूरी है. इतना ही नहीं, उसने सौरभ की फर्जी आईडी बनाकर यह दिखाने की कोशिश की कि सौरभ के मां-बाप उसे मारना चाहते हैं. इसका मकसद था कि हत्या के बाद सौरभ के परिजनों पर शक जाए और वह साहिल के साथ बच निकले। मुस्कान की प्लानिंग कितनी सोची-समझी थी, इसका अंदाजा इस बात से लगता है कि उसने हत्या से पहले ब्लिंकिट से ब्लीच मंगाई, ताकि खून के धब्बों को साफ किया जा सके. हत्या के बाद उसने सौरभ का धड़ बेड के बॉक्स में रखा और उसी बेड पर सोई, जैसे कुछ हुआ ही न हो. शिमला में साहिल के साथ पति-पत्नी बनकर होटल में रुकना भी उसकी चाल का हिस्सा था. क्या यह सब मुस्कान की ठंडे दिमाग से रची गई साजिश थी?

साहिल की भूमिका भी कम हैरान करने वाली नहीं है. पुलिस पूछताछ में पता चला कि साहिल ने सौरभ का कटा सिर और हाथ 24 घंटे तक अपने कमरे में रखे और वहां सोया. उसके घर से तंत्र-मंत्र की तस्वीरें और भगवान शिव के चित्र मिले, जो उसके अंधविश्वास को दर्शाते हैं. मुस्कान ने साहिल को यह यकीन दिलाया कि उसकी मां की आत्मा या देवी मां ने सौरभ की हत्या का आदेश दिया है. साहिल इस बात में इतना डूब गया कि उसने हत्या को जायज ठहरा लिया, लेकिन क्या वह सिर्फ मुस्कान का मोहरा था, या उसका अपना जुनून भी इस वारदात में शामिल था?

आपको बता दें कि आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी को कोर्ट में पेश करने के लिए पुलिस ले कर जा रही थी तो वकीलों ने आरोपियों की धुनाई कर डाली। बताया गया कि पुलिस जिस वक्त कोर्ट में पेश करने के बाद आरोपियों को अदालत से बाहर लेकर जा रही थी। इसी दाैरान वकीलों के एक ग्रुप ने उन्हें घेर लिया और उन पर हमला कर दिया। इस दाैरान हाथापाई में में वकीलों ने साहिल के कपड़े खींचे और थप्पड़ बरसाए। वहीं पुलिस ने घेरा बनाते हुए जैसे तैसे आरोपियों को गाड़ी में बैठाया। आरोपियों को सुरक्षित निकालने के लिए पुलिस को वकीलों से धक्का मुक्की करनी पड़ी।

पकड़े जाने के बाद पुलिस को दोनों ने बताया कि सौरभ को रास्ते से हटाने की प्लानिंग नवंबर 2024 में शुरू हुई थी. दोनों साथ रहना चाहते थे और इसके लिए सौरभ की हत्या जरूरी समझते थे. गांव-गांव घूमकर उन्होंने जानवरों को दफनाने की जगह तलाशी, ताकि शव को छिपाया जा सके. हत्या के लिए चाकू, उस्तरा, नींद की गोलियां और ब्लीच तक की व्यवस्था पहले से कर ली गई थी. यह सारी तैयारी बताती है कि यह कोई आवेश में लिया गया फैसला नहीं, बल्कि पूरी तरह से प्लान्ड मर्डर था, लेकिन इस प्लानिंग में किसका दिमाग ज्यादा चला?मीडिया रिपोर्ट के अनुसार,मेरठ रेंज के डीआईजी कलानिधि नैथानी ने ने इस अपराध को ‘अत्यंत जघन्य’ करार दिया. उनका कहना है कि इस तरह की वारदात का मोडस ऑपरेंडी इसे बेहद गंभीर श्रेणी में लाता है. ब्रह्मपुरी पुलिस जल्द चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में पेश करेगी और दोनों आरोपियों को कठोर सजा दिलाने के लिए मजबूत पैरवी की जाएगी, लेकिन सवाल वही है- साहिल और मुस्कान में से

असली अपराधी कौन
क्या मुस्कान ने साहिल को अपने जाल में फंसाकर हत्या करवाई, या साहिल का अंधविश्वास और प्रेम का जुनून भी इस साजिश का हिस्सा था? पुलिस की जांच में मुस्कान को मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, लेकिन साहिल की हरकतें भी उसे सिर्फ एक कठपुतली नहीं दिखातीं. शायद सच इन दोनों के बीच कहीं छिपा है- एक शातिर दिमाग और एक अंधे जुनून का खतरनाक मेल है. इस हत्याकांड ने न सिर्फ एक परिवार को तोड़ा, बल्कि यह सवाल भी छोड़ गया कि प्यार और विश्वास की आड़ में ऐसी क्रूरता कैसे पनप सकती है.
